2025

एक दशक का सफर और 2025 की शुरुआत

"जब मैं 2015 में पहली बार स्टार्ट लाइन पर खड़ा था, तो मेरे पास न तो कार्बन-प्लेटेड रनिंग शूज थे और न ही कलाई पर कोई स्मार्टवॉच। सिर्फ पुरानी हिंदी फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' का जुनून था और पैरों में एक पुराना स्नीकर।"
मैराथन रनिंग की मेरी यात्रा को अब पूरे 10 साल हो चुके हैं। 2015 की उन कच्ची सुबहों से लेकर 2025 के इस आधुनिक दौर तक, भारतीय रनिंग कम्युनिटी में जो बदलाव आया है, वह अविश्वसनीय है। तब जानकारी का अभाव था। रिकवरी, न्यूट्रिशन या सही गियर जैसी बातें विदेशी लगती थीं। आज हम एक ऐसी दुनिया में हैं जहाँ तकनीक और विज्ञान हमारे हर कदम को गाइड कर रहे हैं। इस साल की सबसे बड़ी शुरुआत हमेशा की तरह जनवरी में होने वाली Tata Mumbai Marathon से हो रही है। यह केवल एक रेस नहीं है, बल्कि भारतीय धावकों के लिए एक वार्षिक तीर्थयात्रा है। 2025 का यह संस्करण खास है। पिछले एक दशक में धावकों की जो नई पौध तैयार हुई है, वह अब अपने पीक पर है। मरीन ड्राइव का वह दृश्य, जहाँ सुबह की हल्की ठंड और समुद्र की लहरों की आवाज़ के साथ 50,000 से ज्यादा धावक दौड़ते हैं, आज भी मेरे रोंगटे खड़े कर देता है।
सुबह के समय मैराथन दौड़ते हुए हजारों धावकों का दृश्य
सुबह के समय मैराथन दौड़ते हुए हजारों धावकों का दृश्य

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति

क्या 2025 भारतीय रनिंग कम्युनिटी के लिए एक टर्निंग पॉइंट है? आंकड़े और कैलेंडर तो यही बताते हैं। भारत में मैराथन रेसिंग अब सिर्फ एक फिटनेस ट्रेंड नहीं, बल्कि एक गंभीर प्रतिस्पर्धी खेल है। Athletics Federation of India के 2025 कैलेंडर के अनुसार, अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी मान्यता प्राप्त रोड रेस आयोजित की जा रही हैं। आपको एक प्रमाणित रेस दौड़ने के लिए सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रहना है। वैश्विक स्तर पर, World Athletics के 2025 लेबल रोड रेस कैलेंडर में भारत की कई रेसों को 'गोल्ड' और 'एलीट' लेबल प्राप्त हो चुका है। इसका सीधा मतलब है कि इन रेसों का मार्ग, आयोजन और प्रतिस्पर्धा का स्तर दुनिया के बेहतरीन मैराथन के बराबर है। इन लेबल रेसों की टाइमिंग वैश्विक स्तर पर दर्ज होती है, जिससे बोस्टन या बर्लिन मैराथन के लिए क्वालीफाई करना आसान हो जाता है।

जनवरी से दिसंबर: ट्रेनिंग का विज्ञान

एक सफल मैराथन का रहस्य रेस के दिन में नहीं, बल्कि उन महीनों की खामोश ट्रेनिंग में छिपा होता है। मैं अक्सर Hal Higdon के 18-सप्ताह के बिगिनर और एडवांस्ड मैराथन साइकिल का उपयोग करता हूँ। 37 की उम्र में शरीर 20-25 साल जैसा बर्ताव नहीं करता। एक सर्टिफाइड कोच के तौर पर मैं अब हमेशा धावकों को रिकवरी पर अधिक ध्यान देने की सलाह देता हूँ।

18-सप्ताह का मैराथन साइकिल

  • सप्ताह 1-6 (बेस बिल्डिंग): अपने शरीर को सड़क के झटकों का आदी बनाएं। गति पर बिल्कुल ध्यान न दें। फोकस 'टाइम ऑन फीट' पर होना चाहिए।
  • सप्ताह 7-12 (स्ट्रेंथ और स्पीड वर्क): हफ्ते में एक दिन टेम्पो रन या इंटरवल ट्रेनिंग शामिल करें। यह आपके लैक्टेट थ्रेशोल्ड को बढ़ाएगा।
  • सप्ताह 13-15 (पीक माइलेज): यह सबसे कठिन हिस्सा है। अपनी सबसे लंबी दौड़ (32-35 किलोमीटर) पूरी करें और रेस-डे न्यूट्रिशन का परीक्षण करें।
  • सप्ताह 16-18 (टेपरिंग): अपने माइलेज को कम करें ताकि रेस के दिन आपके पैर ताज़ा रहें। 16वें हफ्ते के बाद आप कोई नई फिटनेस नहीं बना सकते।
कोच की सलाह: रिकवरी वीक को अपने कैलेंडर में लाल रंग से मार्क करें। हर चौथे हफ्ते अपने कुल माइलेज को 20-30% तक कम करें।

गियर और डेटा: रनिंग शूज और एक्सेल शीट

मुझे पहाड़ों में ट्रेकिंग करने और पुरानी हिंदी फिल्मों के अलावा अगर किसी चीज़ से प्यार है, तो वह है एक्सेल स्प्रेडशीट में डेटा एनालिसिस। मेरी रनिंग जर्नी सिर्फ सड़क पर नहीं, बल्कि माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल के रोज़ और कॉलम्स में भी दर्ज है। मैं अपने हर running shoes के लाइफसाइकिल को ट्रैक करता हूँ। जब कोई जूता 500 किलोमीटर का आंकड़ा पार करता है, तो मेरी शीट का सेल अपने आप पीले रंग का हो जाता है। 2025 के लिए बाजार में जबरदस्त हलचल है। ब्रांड्स कुशनिंग और एनर्जी रिटर्न के बीच नया संतुलन पेश कर रहे हैं। खासकर जब 'nike nike air zoom' लाइनअप की बात आती है, तो 2025 के मॉडल्स में नया फोम कंपोजिशन और रिफाइन की गई एयर पॉड्स तकनीक देखने को मिल रही है। यह उन धावकों के लिए बड़ी खबर है जो मैराथन के आखिरी 10 किलोमीटर में अपने पैरों को भारी महसूस करते हैं।

नंबर झूठ नहीं बोलते: एशिया में मैराथन का विकास

RunRepeat की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक दशक में एशिया और विशेष रूप से भारत में मैराथन में भाग लेने वालों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
वर्ष / मीट्रिक 2015 2025 (वर्तमान डेटा)
औसत फुल मैराथन फिनिश टाइम (पुरुष) ~ 5:15:00 ~ 4:40:00
औसत फुल मैराथन फिनिश टाइम (महिला) ~ 5:45:00 ~ 5:05:00
सब-4 घंटे फिनिशर्स का प्रतिशत 12% 28%
Source: RunRepeat data projections for Asian demographics. Last verified: 2025-01-05
इस सुधार के पीछे बेहतर ट्रेनिंग प्लांस का बहुत बड़ा हाथ है। Runner's World के पेसिंग चार्ट्स अब ट्रेनिंग रूटीन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। धावक अब 'नेगेटिव स्प्लिट' (दूसरा हाफ तेज़) को लक्षित कर रहे हैं।

नेहरू पार्क से लेकर फिनिश लाइन तक

दिल्ली-एनसीआर की सर्दियों की सुबह। जब शहर अभी सो रहा होता है, तब नेहरू पार्क या लोधी गार्डन के ट्रैक पर जूतों की एक लयबद्ध आवाज़ गूंजने लगती है। जनवरी की वो धुंध, जहाँ दृश्यता मुश्किल से 50 मीटर होती है और तापमान 5 डिग्री के आसपास—ऐसे में रजाई छोड़कर बाहर निकलना किसी युद्ध से कम नहीं लगता। रेस के दिन का वह ग्लैमर—चीयरिंग क्राउड, फोटोग्राफर्स, और चमकते हुए मेडल—यह सब तो बस उन अंधेरी और ठंडी सुबहों का इनाम है। यहाँ की गई ट्रेनिंग हमें भारत की ही नहीं, बल्कि दुनिया की किसी भी कठिन मैराथन के लिए तैयार करती है। 2025 में सही running shoes चुनें, अपनी ट्रेनिंग को विज्ञान के आधार पर प्लान करें और दौड़ने की इस प्रक्रिया का आनंद लें।
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Raftaar_Rahul

पिछले 9 वर्षों से मैराथन रनिंग के प्रति समर्पित। राहुल एक प्रमाणित रनिंग कोच हैं जिन्होंने दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर की प्रमुख मैराथन में हिस्सा लिया है और अब हिंदी भाषी धावकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं

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