मैराथन से पहले कार्ब लोडिंग कैसे करें

कार्ब लोडिंग का सच: यह सिर्फ पास्ता पार्टी नहीं है

हर धावक के दिमाग में रेस से कुछ दिन पहले एक ही ख्याल आता है—अब बिना किसी रोक-टोक के जमकर खाने का समय आ गया है। साल 2015 में जब मैंने दौड़ना शुरू किया था, तब मैं भी यही मानता था। हम इसे एक "चीट डे" की तरह ट्रीट करते थे। लेकिन अगले दिन रेस में पेट भारी होना, उल्टी जैसा महसूस होना और 25 किलोमीटर के बाद ही शरीर का जवाब दे जाना—ये सब एक कमजोर marathon training plan का नतीजा होता है। आज सात साल के अनुभव और एक सर्टिफाइड कोच के नजरिए से मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि कार्ब लोडिंग कोई फूड फेस्टिवल नहीं है। यह एक सटीक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। Runner's World के अनुसार, सही कार्ब लोडिंग रेस से 3 से 4 दिन पहले शुरू होती है। सिर्फ एक रात पहले ढेर सारा खाना आपके पाचन तंत्र पर भारी पड़ता है, क्योंकि शरीर रातों-रात इतनी ऊर्जा को ग्लाइकोजन में तब्दील नहीं कर सकता।
Three plates of golden chicken curry
Three plates of golden chicken curry

मांसपेशियों में ऊर्जा की कमी और उसका समाधान

मैराथन में 30 किलोमीटर का मार्क पार करते ही कई धावकों को ऐसा लगता है जैसे वे किसी अदृश्य दीवार से टकरा गए हों। पैरों में अचानक सीसा भर जाने का अहसास होता है। रनिंग की भाषा में इसे 'हीटिंग द वॉल' (Hitting the wall) कहा जाता है। यह 'दीवार' असल में आपके शरीर में ग्लाइकोजन (मांसपेशियों और लिवर में स्टोर कार्बोहाइड्रेट) की समाप्ति का स्पष्ट संकेत है। इंसानी शरीर एक बार में लगभग 2000 कैलोरी तक का ग्लाइकोजन ही स्टोर कर सकता है, जो करीब 30-32 किलोमीटर की दौड़ के लिए पर्याप्त होता है। PubMed Central में प्रकाशित एक विस्तृत शोध (अंतिम सत्यापित: 2022-09-10) स्पष्ट करता है कि वैज्ञानिक रूप से की गई कार्ब लोडिंग एंड्योरेंस परफॉर्मेंस को बेहतर बनाती है और लंबे समय तक चलने वाले व्यायाम के दौरान थकान को काफी हद तक टाल देती है। यदि ग्लाइकोजन स्टोर्स पूरी तरह से भरे हों, तो यह थकान की दीवार आपको 30 की बजाय 38 किलोमीटर पर मिलेगी।

कार्ब्स की सही मात्रा: आपके वजन के अनुसार फॉर्मूला

मुझे अपनी हर चीज़ एक्सेल स्प्रेडशीट में ट्रैक करने की आदत है, और जब न्यूट्रिशन की बात आती है, तो मैं नंबर्स पर ही भरोसा करता हूँ। अक्सर जब मैं धावकों से पूछता हूँ कि उन्होंने कल कितने कार्ब्स लिए, तो उनका जवाब होता है "बहुत सारे"। "बहुत सारे" कोई संख्या नहीं है। Australian Institute of Sport के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक धावक को रेस से 3 दिन पहले रोजाना अपने शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 10-12 ग्राम कार्बोहाइड्रेट का सेवन करना चाहिए। गणित बिल्कुल सीधा है। उदाहरण के लिए, यदि आपका वजन 70 किलोग्राम है: 70 किग्रा × 10 ग्राम = 700 ग्राम कार्बोहाइड्रेट प्रतिदिन। यह लगभग 2800 कैलोरी केवल कार्बोहाइड्रेट से है। इसे बिना किसी योजना के हासिल करने का मतलब है कि आप अनजाने में ढेर सारा फैट भी खा लेंगे, जैसे चीज़ पिज्जा या तेल से भरा पास्ता।
सुझाव: अगर आप इस भारी मात्रा को ठोस भोजन से पूरा नहीं कर पा रहे हैं, तो स्पोर्ट्स ड्रिंक्स या फलों के रस का सहारा लें। इनमें पेट को भारी किए बिना अच्छी मात्रा में कार्ब्स मिल जाते हैं।
स्प्रेडशीट में अपने कार्बोहाइड्रेट इनटेक का हिसाब रखते हुए
स्प्रेडशीट में अपने कार्बोहाइड्रेट इनटेक का हिसाब रखते हुए

रेस से पहले का काउंटडाउन: 4 दिन की टाइमलाइन

एक आदर्श marathon training plan में अंतिम सप्ताह की टाइमलाइन बहुत अहम होती है। इसे सही तरीके से लागू करने के लिए इन चार दिनों के प्रोटोकॉल को समझें:
  1. रेस से 4 दिन पहले: अपनी ट्रेनिंग को बहुत कम कर दें (Tapering)। Hal Higdon के अनुसार, इस दौरान आपकी डाइट का 65-70% हिस्सा कार्बोहाइड्रेट से आना चाहिए। प्रोटीन और फैट की मात्रा में थोड़ी कटौती करें।
  2. रेस से 3 दिन पहले: 10-12 ग्राम प्रति किलोग्राम कार्ब्स का फॉर्मूला लागू करें। इस दिन वजन थोड़ा बढ़ सकता है, जो सामान्य है। 1 ग्राम ग्लाइकोजन अपने साथ लगभग 3 ग्राम पानी स्टोर करता है।
  3. रेस से 2 दिन पहले (फाइबर कम करें): ब्राउन राइस की जगह सफेद चावल, और मल्टीग्रेन की जगह सफेद ब्रेड लें। ज्यादा फाइबर से रेस के दिन पेट खराब होने का खतरा रहता है।
  4. रेस से 1 दिन पहले: भारी डिनर करने की गलती न करें। दिन का सबसे बड़ा मील लंच होना चाहिए। डिनर जल्दी करें और उसे बिल्कुल हल्का रखें।
ध्यान दें: अगर आपने कार्ब्स बढ़ा दिए लेकिन ट्रेनिंग भी भारी रखी, तो यह लोडिंग काम नहीं करेगी। आप स्टोर करने से ज्यादा ऊर्जा खर्च कर रहे होंगे।

सही कार्ब्स बनाम गलत कार्ब्स

डोनट्स, पेस्ट्री और पिज्जा अच्छे कार्ब्स के स्रोत नहीं हैं; वे फैट से भरे होते हैं जो पेट में लंबे समय तक पड़े रहते हैं। नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किया गया है कि रेस से पहले किन चीज़ों को चुनना चाहिए:
✅ सही कार्ब्स (आसानी से पचने वाले) ❌ गलत कार्ब्स (बचने योग्य)
सफेद चावल, उबले आलू फ्रेंच फ्राइज, बटर गार्लिक पोटैटो
सफेद ब्रेड, प्लेन पास्ता चीज पास्ता, क्रीमी सॉस
केले, फलों का रस, किशमिश छिलके वाले सेब, बहुत ज्यादा कच्चा सलाद
स्पोर्ट्स ड्रिंक्स (इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ) सोडा, एल्कोहल

डेटा स्रोत: नवीनतम स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन गाइडलाइंस (2022 तक सत्यापित)

दिल्ली-एनसीआर में मेरा एक कड़वा अनुभव

2018 की दिल्ली मैराथन मुझे आज भी अच्छी तरह याद है। मैंने कार्ब लोडिंग का गणित तो बिठा लिया था, लेकिन एक बहुत बड़ी गलती कर दी। रेस से एक रात पहले मैंने चने की दाल और ढेर सारा मसालेदार खाना खा लिया। मुझे लगा कि दाल में तो अच्छे कार्ब्स होते हैं। अगले दिन 15 किलोमीटर के बाद मेरे पेट में भयंकर ऐंठन शुरू हो गई। मुझे पोर्टा-पॉटी के लिए तीन बार रुकना पड़ा। मेरा 3 घंटे 30 मिनट का लक्ष्य उस दिन पूरी तरह बर्बाद हो गया। World Athletics का स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन कंसेंसस साफ कहता है कि रेस से पहले का फ्यूलिंग सीधा, कम फाइबर और कम मसालों वाला होना चाहिए। मैं अक्सर पुरानी हिंदी फिल्में देखता हूँ और उस दिन मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने 'शोले' के गब्बर सिंह को हल्के में ले लिया हो। पेट की ऐंठन रेस के दिन आपका सबसे बड़ा विलेन बन सकती है। अगर आप पहाड़ों में ट्रेकिंग करते हैं या लंबी दूरी दौड़ते हैं, तो शरीर के सिग्नल्स को अनदेखा करना भारी पड़ता है। नंबर्स स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि सही तरह से की गई कार्ब लोडिंग थकान को 20% तक टाल सकती है। यह आपके समय में 5 से 10 मिनट का जादुई सुधार ला सकती है। रेस वीक में अपनी स्प्रेडशीट खोलें, अपने वजन के हिसाब से कार्ब्स की गणना करें और सही भोजन चुनें। मैराथन का असली टेस्ट स्टार्टिंग लाइन पर नहीं, बल्कि उससे चार दिन पहले आपकी डाइनिंग टेबल पर शुरू हो जाता है।
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Raftaar_Rahul

पिछले 9 वर्षों से मैराथन रनिंग के प्रति समर्पित। राहुल एक प्रमाणित रनिंग कोच हैं जिन्होंने दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर की प्रमुख मैराथन में हिस्सा लिया है और अब हिंदी भाषी धावकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं

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