गर्मियों में रनिंग: तापमान और हार्ट रेट का संबंध

गर्मियों की मैराथन ट्रेनिंग: डेटा और पसीने का गणित

दिल्ली-एनसीआर की गर्मियों में दौड़ना किसी तपस्या से कम नहीं है। सुबह 5 बजे भी तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है और उमस (humidity) आपको निचोड़ देने के लिए काफी होती है। 2015 में जब मैंने अपनी पहली फुल मैराथन की ट्रेनिंग शुरू की थी, तब मुझे लगता था कि अगर मैं सर्दियों में 5:30 मिनट/किलोमीटर की पेस (pace) पर दौड़ सकता हूँ, तो गर्मियों में भी ऐसा ही करूँगा। नतीजा? मेरी पहली लंबी समर रन एक बुरे सपने की तरह खत्म हुई—चक्कर आना, डिहाइड्रेशन और हार्ट रेट आसमान पर।

पिछले 7 सालों में, मैंने महसूस किया है कि गर्मियों की ट्रेनिंग केवल आपके जज्बे (willpower) का टेस्ट नहीं है, बल्कि यह शरीर विज्ञान (physiology) और डेटा एनालिसिस का खेल है। एक्सेल स्प्रेडशीट में अपने गार्मिन डेटा को एनालाइज़ करते समय मैंने पाया कि तापमान और हमारी हृदय गति (heart rate) के बीच एक गहरा और गणितीय संबंध है। यह लेख उसी डेटा और विज्ञान पर आधारित है।

तापमान और हार्ट रेट: 'कार्डियक ड्रिफ्ट' का विज्ञान

जब हम दौड़ते हैं, तो हमारी मांसपेशियां बहुत अधिक गर्मी पैदा करती हैं। इसे संतुलित करने के लिए हमारा शरीर पसीना बहाता है। पसीने को त्वचा तक पहुँचाने के लिए, आपके हृदय को आपकी त्वचा की सतह पर अतिरिक्त रक्त पंप करना पड़ता है। इसका सीधा मतलब है कि आपकी रनिंग मांसपेशियों के लिए कम रक्त बचता है, जिसकी भरपाई के लिए हृदय को और भी तेज़ धड़कना पड़ता है। Runner's World की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इसी प्रक्रिया के कारण एक समान गति (steady pace) पर भी समय के साथ हार्ट रेट बढ़ता जाता है—इसे वैज्ञानिक भाषा में 'कार्डियक ड्रिफ्ट' (Cardiac Drift) कहते हैं।

डेटा इनसाइट: जब तापमान 15°C से ऊपर जाता है, तो हर 1°C की वृद्धि के साथ आपका हार्ट रेट लगभग 2 से 4 बीट प्रति मिनट (bpm) बढ़ सकता है, भले ही आप अपनी सर्दियों वाली पेस पर ही क्यों न दौड़ रहे हों।

तापमान बढ़ने पर पेस एडजस्टमेंट: एक तुलनात्मक अध्ययन

हमें अपनी पेस को मौसम के अनुसार ढालना ही पड़ता है। धावकों को अक्सर यह समझाना मुश्किल होता है कि गर्मियों में पेस का गिरना आपकी फिटनेस में कमी नहीं है, बल्कि यह एक प्राकृतिक शारीरिक प्रतिक्रिया है। RunRepeat द्वारा प्रकाशित डेटा और विभिन्न स्पोर्ट्स मेडिसिन जर्नल्स के आधार पर, नीचे दिया गया चार्ट दिखाता है कि तापमान बढ़ने पर पेस में औसतन कितनी गिरावट आती है।

तापमान (°C) हार्ट रेट में वृद्धि (अनुमानित bpm) पेस में गिरावट (%) 5:00 min/km पेस का नया समतुल्य (Equivalent Pace)
10°C - 15°C (आदर्श) 0 bpm 0% 5:00 min/km
16°C - 20°C +2 से +5 bpm 1% - 2% 5:03 - 5:06 min/km
21°C - 26°C +5 से +10 bpm 3% - 5% 5:09 - 5:15 min/km
27°C - 32°C +10 से +15 bpm 6% - 9% 5:18 - 5:27 min/km
32°C+ (अत्यधिक गर्मी) +15 से +20+ bpm 10% - 15%+ 5:30 - 5:45 min/km

Source: RunRepeat Heat Study & Macro Analysis. Last verified: 2022-07-05

यह डेटा हमें बताता है कि यदि कोई 28°C के तापमान में सर्दियों की 5:00 min/km वाली पेस बनाए रखने की जिद करता है, तो वह अनजाने में अपने शरीर पर उतना ही दबाव डाल रहा है जितना 4:35 min/km की पेस पर दौड़ते समय डालता।

डेटा से परे: उमस (Humidity) का खतरनाक खेल

क्या आपको लगता है कि सिर्फ तापमान ही सब कुछ है? दिल्ली की जुलाई की बारिश के बाद वाली उमस आपको कुछ और ही बताएगी। जब मैं एक्सेल में अपने पुराने रनिंग सेशन ट्रैक करता हूँ, तो देखता हूँ कि 35°C (सूखा मौसम) में दौड़ना 30°C (80% ह्यूमिडिटी) में दौड़ने से ज्यादा आसान रहा है। PubMed Central / NIH के अध्ययनों के अनुसार, अत्यधिक उमस में पसीना त्वचा पर ही रहता है और वाष्पित (evaporate) नहीं हो पाता। पसीना वाष्पित न होने का मतलब है कि शरीर ठंडा नहीं होगा, और इससे हार्ट रेट में अचानक और खतरनाक वृद्धि हो सकती है।

इसीलिए 'ड्यू पॉइंट' (Dew Point) को समझना बहुत जरूरी है। जब ड्यू पॉइंट 20°C से ऊपर होता है, तो हवा में इतनी नमी होती है कि पसीना सूखता ही नहीं है। ऐसी स्थिति में आपको पेस के बजाय हार्ट रेट ज़ोन को लक्ष्य बनाकर ट्रेनिंग करनी चाहिए। प्रसिद्ध रनिंग कोच Hal Higdon भी गर्मियों की ट्रेनिंग के दौरान हमेशा पेस के बजाय हार्ट रेट (Effort) पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हैं।

गर्मियों की ट्रेनिंग के लिए सुरक्षा और मेडिकल गाइडलाइन्स

हर गर्मी में हम सुनते हैं कि किसी धावक को हीटस्ट्रोक (Heatstroke) हो गया। चलिए देखते हैं कि आधिकारिक मेडिकल डेटा क्या कहता है।

WBGT इंडेक्स (Wet Bulb Globe Temp) खतरे का स्तर AFI / World Athletics गाइडलाइन्स
< 21°C कम (Low) सामान्य मैराथन ट्रेनिंग जारी रखें।
21°C - 25°C मध्यम (Moderate) हीट-सेंसिटिव धावकों को सावधान रहना चाहिए। हाइड्रेशन बढ़ाएं।
25°C - 28°C उच्च (High) तीव्रता (intensity) कम करें। भारी लोग या नए धावक लंबी दौड़ से बचें।
28°C+ अत्यधिक (Extreme) ट्रेनिंग स्थगित करें या इनडोर ट्रेडमिल का उपयोग करें। इवेंट रद्द किए जा सकते हैं।

Source: World Athletics Medical Guidelines & Athletics Federation of India (AFI). Last verified: 2022-07-05

⚠️ गियर और रिकवरी: गर्मी के मौसम में सही गियर बहुत मायने रखता है। आपके running shoes भी अधिक गर्मी पैदा कर सकते हैं अगर वे पर्याप्त रूप से हवादार (breathable) न हों। उदाहरण के लिए, गर्मियों के लिए ऐसे जूतों का चयन करना चाहिए जिनका अपर मेश काफी हल्का हो। अगर आप asics novablast जैसे मॉडल्स का उपयोग कर रहे हैं (जो बेहतरीन कुशनिंग देते हैं), तो लंबी समर रन्स में पैरों के अंदर के तापमान और पसीने के कारण छाले (blisters) होने की संभावना का भी ध्यान रखें।

Stay cool while running in summer
Stay cool while running in summer

वे बातें जो डेटा नहीं बताता

ये टेबल्स हमें एक आदर्श परिदृश्य दिखाते हैं, लेकिन सड़क की सच्चाई हमेशा अलग होती है। जब चीजें गलत होती हैं, तो शरीर वार्निंग सिग्नल देने में कोई देरी नहीं करता। अक्सर नए धावक पेस एडजस्टमेंट के गणित को तो समझ लेते हैं, लेकिन 'इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस' (Electrolyte Imbalance) को भूल जाते हैं। यदि कोई 90 मिनट से अधिक दौड़ रहा है और केवल सादा पानी पी रहा है, तो वह 'हाइपोनेट्रेमिया' (Hyponatremia - शरीर में सोडियम का खतरनाक रूप से कम होना) को निमंत्रण दे रहा है।

प्रो टिप: जब मैं पहाड़ों में ट्रेकिंग करता हूँ या समर मैराथन की तैयारी करता हूँ, तो मैं केवल हार्ट रेट मॉनिटर पर निर्भर नहीं रहता। मैं 'टॉक टेस्ट' (Talk Test) का उपयोग करता हूँ। अगर मैं 28°C की उमस वाली सुबह दौड़ते हुए आराम से 5 शब्दों का वाक्य नहीं बोल पा रहा हूँ, तो मैं बहुत तेज़ दौड़ रहा हूँ, चाहे मेरी गार्मिन वॉच कुछ भी कह रही हो।

गर्मियों में बेहतर परफॉरमेंस के लिए प्रेक्टिकल टिप्स

  • प्री-कूलिंग (Pre-cooling) तकनीकें: बाहर निकलने से पहले एक ठंडा शॉवर लें। यह आपके 'कोर बॉडी टेम्परेचर' को कम करेगा और कार्डियक ड्रिफ्ट की प्रक्रिया को थोड़ा धीमा कर देगा।
  • हाइड्रेशन स्ट्रेटेजी: दौड़ने से 2 घंटे पहले कम से कम 500ml पानी पिएं। हर 20 मिनट की दौड़ में 150-200ml इलेक्ट्रोलाइट युक्त पानी लें।
  • पेस के बजाय एफर्ट पर दौड़ें: अपनी घड़ी की पेस स्क्रीन को छिपा दें। केवल हार्ट रेट और पर्सीव्ड एग्सर्शन (Perceived Exertion) पर फोकस करें।
  • समय का चयन: दिल्ली जैसी जगहों पर सुबह 4:30 या 5:00 बजे दौड़ना सबसे आदर्श है। सूरज निकलने के बाद प्रदूषण और ओजोन का स्तर भी बढ़ता है, जो फेफड़ों के लिए हानिकारक है।
A focused male runner, wearing
A focused male runner, wearing

बस इतना याद रखें कि पुरानी हिंदी फिल्मों के उन सीन की तरह जहाँ हीरो कड़ी धूप में दौड़ता रहता है, असल ज़िंदगी की मैराथन ट्रेनिंग वैसी नहीं होती। गर्मियों की ट्रेनिंग आपके शरीर को मजबूत बनाती है और रक्त प्लाज्मा (Blood Plasma) की मात्रा बढ़ाती है, जिसका सीधा फायदा सर्दियों के रेस सीज़न में मिलता है। अपने हार्ट रेट का सम्मान करें, ईगो को घर पर छोड़कर आएं और सुरक्षित रूप से दौड़ें।

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Raftaar_Rahul

पिछले 9 वर्षों से मैराथन रनिंग के प्रति समर्पित। राहुल एक प्रमाणित रनिंग कोच हैं जिन्होंने दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर की प्रमुख मैराथन में हिस्सा लिया है और अब हिंदी भाषी धावकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं

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