दौड़ने से घुटने खराब होते हैं? इस सबसे बड़े झूठ का पर्दाफाश

लोधी गार्डन की बेंच और वह पुराना डर

सुबह के 5:30 बजे हैं, लोधी गार्डन की पगडंडियों पर कोहरे की एक पतली चादर बिछी है। मैं अपने 10 किलोमीटर के टेम्पो रन के आखिरी चरण में हूं, पसीने से तरबतर, लेकिन एक लय में। जैसे ही मैं स्ट्रेचिंग के लिए एक पुरानी लकड़ी की बेंच के पास रुकता हूं, वहां बैठे दो बुजुर्ग मुझे बड़ी हमदर्दी से देखते हैं। उनमें से एक धीमे से कहता है, "बेटा, अभी तो जवान हो इसलिए इतना दौड़ रहे हो, 40 के होते-होते घुटने जवाब दे देंगे। थोड़ा रहम करो इन पर।" यह कोई नई बात नहीं है। जब मैंने 2015 में गंभीरता से दौड़ना शुरू किया था, तब से आज 2027 तक, यानी पिछले 12 सालों में मैंने यह जुमला हजारों बार सुना है। विडंबना देखिए, अक्सर वे लोग जो कभी नहीं दौड़े, वे दौड़ने के नुकसानों पर सबसे ज्यादा ज्ञान देते हैं। आज जब मैं 39 साल का हूं और हर महीने सैकड़ों किलोमीटर दौड़ता हूं, मेरे घुटने उस समय से कहीं ज्यादा मजबूत और लचीले हैं जब मैं 20 के दशक के आखिर में ऑफिस की कुर्सी पर घंटों बैठा रहता था। सच्चाई यह है कि "दौड़ने से घुटने घिस जाते हैं" यह इस सदी का सबसे बड़ा रनिंग मिथक है। Runner's World Health and Injuries के विशेषज्ञों ने शोध के आधार पर यह स्पष्ट किया है कि रनिंग के दौरान लगने वाला इम्पैक्ट असल में कार्टिलेज को खत्म नहीं करता, बल्कि उसे और अधिक घनत्व (density) प्रदान करता है।

पार्क की गपशप बनाम वैज्ञानिक हकीकत

अक्सर लोग कार के टायरों का उदाहरण देते हैं—कि जितना ज्यादा चलेंगे, उतना घिसेंगे। लेकिन मानव शरीर कोई रबर का टायर नहीं है; यह एक जीवित जैविक मशीन है जो इस्तेमाल करने पर खुद को 'अपग्रेड' करती है। जब आप एक सही marathon training plan का पालन करते हैं, तो आपके घुटने उस तनाव को झेलने के लिए खुद को ढाल लेते हैं। 12 साल के इस सफर में मैंने सीखा है कि डर अक्सर अनुभव की कमी से उपजता है। अपने घुटनों को लोहे जैसा बनाने के लिए केवल दौड़ना काफी नहीं है। आपको अपने रूटीन में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा। विशेष रूप से आपके Quadriceps (जांघ की मांसपेशियां) और Glutes (कूल्हे की मांसपेशियां)। अगर ये मांसपेशियां कमजोर हैं, तो दौड़ते समय लगने वाला हर झटका सीधे आपके घुटने के जोड़ पर पड़ेगा।
प्रो टिप: हफ्ते में कम से कम दो दिन 'लोअर बॉडी स्ट्रेंथ' पर ध्यान दें। स्क्वाट्स, लंजेस और ग्लूट ब्रिजेस आपके घुटनों के लिए सबसे अच्छा बीमा हैं।

क्या आंकड़े वाकई झूठ बोलते हैं?

जब हम डेटा देखते हैं, तो घुटने खराब होने का डर हवा हो जाता है। मुझे एक्सेल स्प्रेडशीट में डेटा एनालिसिस करना पसंद है, और जब मैंने वैश्विक आंकड़ों का अध्ययन किया, तो परिणाम बिल्कुल विपरीत मिले। Journal of Orthopaedic & Sports Physical Therapy (JOSPT) द्वारा किए गए एक विशाल मेटा-एनालिसिस के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
श्रेणी (Category) घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस की संभावना
शौकिया धावक (Recreational Runners) 3.5%
गतिहीन/सुस्त लोग (Sedentary/Inactive) 10.2%
प्रतिस्पर्धी/एलिट धावक (Elite/Competitive Runners) 13.3%

Source: JOSPT (PubMed). Last verified: 2027-07-08

इस तालिका को ध्यान से देखें। जो लोग घर पर सोफे पर बैठकर चिप्स खा रहे हैं, उनमें घुटने की समस्याओं का खतरा उन लोगों की तुलना में तीन गुना ज्यादा है जो नियमित रूप से दौड़ते हैं। समस्या दौड़ने से नहीं, बल्कि सक्रियता की कमी से होती है। RunRepeat Research का डेटा भी स्पष्ट करता है कि निष्क्रियता जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए दौड़ने से कहीं ज्यादा खतरनाक है।

क्या रनिंग से घुटने की मरम्मत हो सकती है?

यह सुनकर शायद आपको यकीन न हो, लेकिन वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि मैराथन ट्रेनिंग असल में घुटनों की 'हीलिंग' कर सकती है। PeerJ (via PubMed Central) में प्रकाशित शोध के अनुसार, जिन शुरुआती धावकों ने मैराथन के लिए ट्रेनिंग ली, उनके घुटनों के एमआरआई में बोन मैरो लीजन्स (Bone Marrow Lesions) में कमी देखी गई। यानी, सही तरीके से दौड़ने से उनकी हड्डियों के अंदर की पुरानी क्षति ठीक होने लगी। मेरा मानना है कि दौड़ने से जोड़ों के अंदर 'सिनोवियल फ्लूइड' (जोड़ों का लुब्रिकेंट) बेहतर तरीके से सर्कुलेट होता है, जिससे कार्टिलेज को पोषण मिलता है। अगर आप बैठ जाएंगे, तो यह ग्रीस सूखने लगेगा।

चोट क्यों लगती है? क्रमिक प्रगति का सिद्धांत

अब सवाल उठता है कि अगर दौड़ना इतना ही अच्छा है, तो लोग चोटिल क्यों होते हैं? 90% रनिंग इंजरी का कारण एक ही है: "Too much, too soon" (बहुत कम समय में बहुत ज्यादा दौड़ना)। लोग रातों-रात अपनी क्षमता से परे जाने की कोशिश करते हैं। यहीं पर एक व्यवस्थित marathon training plan की भूमिका आती है। महान रनिंग कोच Hal Higdon के सिद्धांत सिखाते हैं कि कैसे साप्ताहिक माइलेज को धीरे-धीरे (10% के नियम के साथ) बढ़ाना चाहिए। यह क्रमिक प्रगति आपके टेंडन और लिगामेंट को मजबूत होने का समय देती है। इसके अलावा, भारत में धावकों की सुरक्षा और चिकित्सा मानकों के लिए आप Athletics Federation of India Medical Section के दिशानिर्देशों का संदर्भ ले सकते हैं।

सही संतुलन: कंक्रीट बनाम मिट्टी

दौड़ना शरीर को चुनौती देता है, लेकिन आराम उसे पुनर्जीवित करता है। 12 सालों के अनुभव में मैंने सीखा है कि रेस्ट डे (विश्राम का दिन) उतना ही जरूरी है जितना लॉन्ग रन। इसके अलावा, सतह का चुनाव भी महत्वपूर्ण है। दिल्ली के सिरी फोर्ट या लोधी गार्डन के मिट्टी वाले ट्रैक आपके जोड़ों को वह कुशनिंग देते हैं जो कंक्रीट की सड़कें नहीं दे सकतीं। World Athletics Health & Science के दिशा-निर्देश भी यही कहते हैं कि बायोमैकेनिक्स और रिकवरी के संतुलन से ही आप चोट मुक्त रह सकते हैं। अगली बार जब कोई आपसे कहे कि "दौड़ना छोड़ दो, घुटने खराब हो जाएंगे," तो उन्हें बस एक मुस्कान दें और अपनी दौड़ जारी रखें। विज्ञान धावकों के पक्ष में है। बस अपने शरीर की सुनें, जूतों के घिसने पर उन्हें बदलें, और अपनी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को कभी मिस न करें। रुकना ही असल बीमारी है, दौड़ना तो इलाज है।
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Raftaar_Rahul

पिछले 9 वर्षों से मैराथन रनिंग के प्रति समर्पित। राहुल एक प्रमाणित रनिंग कोच हैं जिन्होंने दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर की प्रमुख मैराथन में हिस्सा लिया है और अब हिंदी भाषी धावकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं

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