मैराथन में पेसिंग के 3 तरीके: पॉजिटिव, इवन और नेगेटिव स्प्लिट

30वें किलोमीटर की 'दीवार': क्यों धावक अचानक टूट जाते हैं?

स्ट्रावा (Strava) या किसी भी रनिंग ऐप पर रेस डे का डेटा उठाकर देखिए। एक पैटर्न बहुत साफ नजर आता है। पहले हाफ में ग्राफ तेजी से ऊपर जाता है, और 30 किलोमीटर के बाद अचानक से लाइन नीचे गिरने लगती है। रनिंग की दुनिया में इसे 'दीवार से टकराना' (Hitting the wall) कहते हैं। यह समस्या फिटनेस की कमी से ज्यादा एक खराब पेसिंग रणनीति का परिणाम है। RunRepeat द्वारा किए गए मैराथन पेसिंग के शोध (Last verified: 2024-12-15) के अनुसार, लाखों गैर-एलीट धावक अपनी रेस की शुरुआत बहुत तेज गति से करते हैं। उन्हें लगता है कि शुरुआत में ऊर्जा का फायदा उठाकर कुछ समय बचा लिया जाए। इसे 'पॉजिटिव स्प्लिट' (Positive Split) कहा जाता है, जहां रेस का दूसरा आधा हिस्सा पहले से धीमा होता है। शारीरिक विज्ञान के नजरिए से यह सबसे घातक गलती है। PubMed Central / NIH के वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट करते हैं कि पॉजिटिव स्प्लिट के कारण मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड तेजी से जमा होता है और ग्लाइकोजन के भंडार समय से पहले खत्म हो जाते हैं। इसके विपरीत, इवन (समान) और नेगेटिव स्प्लिट समग्र मैराथन प्रदर्शन को बेहतर बनाते हैं।
मैराथन के अंतिम किलोमीटर में थका हुआ धावक
मैराथन के अंतिम किलोमीटर में थका हुआ धावक

इवन स्प्लिट: मशीन जैसी सटीकता और अनुशासन

इवन स्प्लिट (Even Split) का मतलब है पूरी रेस के दौरान एक समान गति बनाए रखना। अगर आपका लक्ष्य 4 घंटे है, तो आप हर किलोमीटर ठीक 5:41 मिनट की गति से दौड़ेंगे। इसे हासिल करना आसान नहीं है। शुरुआती किलोमीटर में जब भीड़ का उत्साह चरम पर होता है, तब खुद को धीमा रखने के लिए कड़े अनुशासन की जरूरत होती है। यही कारण है कि एक आदर्श marathon training plan में पेस कंट्रोल को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। Hal Higdon के मैराथन ट्रेनिंग दिशा-निर्देश बताते हैं कि लॉन्ग रन के दौरान शरीर को एक स्थिर प्रयास (steady effort) का आदी बनाना कितना जरूरी है। अभ्यास के बिना रेस के दिन इस लय को खोजना लगभग असंभव है। इस रणनीति में कोई व्यक्तिगत भावना काम नहीं आती; यह पूरी तरह से गणित और हृदय गति (Heart Rate) के नियंत्रण पर निर्भर है।
ध्यान दें: अपने लॉन्ग रन में शुरुआती 5 किलोमीटर हमेशा लक्ष्य पेस से थोड़े धीमे रखें। इससे शरीर सही वार्म-अप जोन में आ जाता है।
पेसिंग और समय का महत्व
पेसिंग और समय का महत्व

नेगेटिव स्प्लिट: 2015 से अब तक का सबसे बड़ा सबक

साल 2015 में जब मैंने पहली बार गंभीरता से रनिंग शुरू की थी, तब मैं भी शुरुआती उत्साह में तेज भागने वालों में से एक था। नतीजा? हर बार अंतिम 10 किलोमीटर में रेंगते हुए फिनिश लाइन पार करना। पिछले 9 वर्षों में, दिल्ली की सड़कों से लेकर पहाड़ों में ट्रेकिंग तक, मैंने एक ही बात सीखी है—धैर्य ही असली ताकत है। ट्रेकिंग करते समय भी अगर आप शुरुआत में धीरे चलते हैं, तो ऊंचाई पर पहुंचने तक आपकी सांसें साथ नहीं छोड़तीं। दिल्ली मैराथन का वह संस्करण मुझे हमेशा याद रहता है जब मैंने जानबूझकर अपना पहला हाफ धीमा रखा। 25 किलोमीटर के बाद, जब मैं उन धावकों को पार कर रहा था जो शुरुआत में रॉकेट की तरह आगे निकले थे, तो मेरे दिमाग में पुरानी हिंदी फिल्म का गाना "रुक जाना नहीं तू कहीं हार के" गूंज रहा था। उस दिन जो ऊर्जा महसूस हुई, उसने मेरे दौड़ने का नजरिया बदल दिया। नेगेटिव स्प्लिट यानी रेस का दूसरा हाफ पहले हाफ से तेज दौड़ना। Runner's World की रिपोर्ट पुष्टि करती है कि नेगेटिव स्प्लिट शरीर को वार्म-अप होने का समय देता है और रेस के सबसे कठिन चरण के लिए ऊर्जा बचाता है। दुनिया के महानतम धावकों को देखिए। World Athletics के रिकॉर्ड्स में एलियुड किपचोगे (Eliud Kipchoge) के स्प्लिट्स (Last verified: 2024-12-15) इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। वे लगभग परफेक्ट इवन या हल्का नेगेटिव स्प्लिट इस्तेमाल करते हैं। अगर एलीट एथलीट्स अपनी पूरी ऊर्जा शुरुआत में नहीं झोंकते, तो हम एमेच्योर धावकों को भी ऐसा ही करना चाहिए।
एलीट धावक मैराथन में
एलीट धावक मैराथन में

रेस डे पेसिंग और तकनीकी तैयारी (As of 2024-12-15)

रेस के दिन अपनी रणनीति को लागू करने के लिए कुछ तकनीकी कदम उठाना जरूरी है।

पेसिंग रणनीति को लागू करने की प्रक्रिया

  1. जीपीएस (GPS) वॉच का सही उपयोग: अपनी स्मार्टवॉच में ऑटो-लैप (Auto-lap) और पेस अलर्ट सेट करें।
    विफलता से बचाव: ऊंची इमारतों वाले क्षेत्रों में जीपीएस सिग्नल खो सकता है। ऐसे में अपनी सांसों की लय (Perceived Exertion) पर भरोसा करें।
  2. आधिकारिक पेसर (Official Pacer) के साथ दौड़ना: अगर आपका लक्ष्य 4:30 घंटे का है, तो उस समय के पेसर के पीछे दौड़ें।
    विफलता से बचाव: यदि पेसर आपकी क्षमता से तेज जा रहा है, तो उसे छोड़ दें। अपनी रणनीति से समझौता न करें।
रणनीति (Strategy) फायदे (Pros) नुकसान (Cons) किसके लिए उपयुक्त?
पॉजिटिव स्प्लिट (तेज शुरुआत) शुरुआत में मानसिक संतुष्टि। 30 किमी के बाद क्रैम्प्स और गंभीर थकान। अनुभवहीन धावक (जो गलती से इसे अपनाते हैं)।
इवन स्प्लिट (समान गति) ऊर्जा का बेहतरीन प्रबंधन। शुरुआती भीड़ में खुद को रोकना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण। इंटरमीडिएट से एडवांस्ड धावक।
नेगेटिव स्प्लिट (धीमी शुरुआत, तेज अंत) रेस के अंत में ऊर्जा और अत्यधिक आत्मविश्वास। शुरुआत में पीछे छूटने का डर। वे जो सुरक्षित रेस चाहते हैं और एलीट एथलीट्स।
अपने अगले marathon training plan में इन रणनीतियों का परीक्षण करें। सही पेसिंग सिर्फ आपके पैरों की नहीं, बल्कि आपके दिमाग और धैर्य की असली परीक्षा है।
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Raftaar_Rahul

पिछले 9 वर्षों से मैराथन रनिंग के प्रति समर्पित। राहुल एक प्रमाणित रनिंग कोच हैं जिन्होंने दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर की प्रमुख मैराथन में हिस्सा लिया है और अब हिंदी भाषी धावकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं

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