बारिश में रनिंग: सुरक्षा और सही गियर का चुनाव

क्या बारिश में दौड़ना वास्तव में एक अच्छा विचार है?

काले घने बादल और बिजली की गड़गड़ाहट। क्या ऐसे मौसम में बाहर निकलना समझदारी है? जब मैंने 2015 में मैराथन ट्रेनिंग की दुनिया में अपना पहला कदम रखा था, तो बारिश की एक बूंद भी मेरे ट्रेनिंग प्लान को रद्द करने के लिए काफी थी। मुझे लगता था कि बारिश में दौड़ना सीधे तौर पर सर्दी या किसी भयंकर चोट को दावत देना है। पिछले 10 वर्षों के अनुभव ने यह सिखाया है कि यह डर केवल अज्ञानता का परिणाम था। बारिश में दौड़ना पूरी तरह से सुरक्षित है। यह मानसिक दृढ़ता (mental toughness) विकसित करने का एक बेहतरीन तरीका है। लेकिन इस मौसम में गति (pace) और सतर्कता को लेकर एक अलग स्तर की तैयारी चाहिए होती है।
बारिश में गीली सड़क पर दौड़ता हुआ एथलीट
बारिश में गीली सड़क पर दौड़ता हुआ एथलीट
Runner's World के विशेषज्ञ दिशानिर्देशों के अनुसार, गीले मौसम में सुरक्षित रूप से दौड़ने की कुंजी गति को एडजस्ट करना और विजिबिलिटी को प्राथमिकता देना है। जब तक मौसम में खतरनाक आंधी या बिजली गिरने का सीधा खतरा न हो, तब तक बारिश में ट्रेनिंग करना अनुकूल है। ध्यान यह रखना होता है कि गीली सतहों पर पैरों का जमीन से संपर्क समय (ground contact time) कैसे बदल रहा है। भारत की उमस भरी गर्मियों के बाद बारिश का पानी शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। यह एक तकनीकी खेल है जहाँ सही निर्णय लेना सुरक्षा तय करता है।

सही गियर: पैरों की सुरक्षा और वॉटर ड्रेनेज

बारिश में सबसे बड़ी जरूरत है सही गियर जो पानी को सोखे नहीं। सूती कपड़ों (cotton) से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। सूती कपड़े पानी सोखकर भारी हो जाते हैं, त्वचा से चिपकते हैं और शरीर का तापमान तेजी से गिरा सकते हैं। जूतों के मामले में, हल्की बारिश या बर्फ में वॉटरप्रूफ (Gore-Tex) शूज बेहतरीन हैं। लेकिन मूसलाधार बारिश में या गहरे पानी के गड्ढों वाले रास्तों पर, पानी अगर जूतों के अंदर चला गया तो वॉटरप्रूफ शूज उसे बाहर नहीं निकलने देंगे। ऐसे में भारी बारिश के लिए ऐसे running shoes चुनें जिनका ऊपरी मेश (mesh) हल्का हो और पानी जल्दी बाहर निकल सके। RunRepeat के डेटा और विस्तृत रिव्यूज के अनुसार, गीली सड़कों पर फिसलने से बचने के लिए ऐसे आउटसोल वाले जूतों की आवश्यकता होती है जिनमें रबर की पकड़ (grip) मजबूत हो और लग्स (lugs) पानी को जल्दी से विस्थापित कर सकें।
Tip: बारिश के दिनों के लिए अपने पास एक अतिरिक्त जोड़ी जूते जरूर रखें। एक जोड़ी को पूरी तरह से सूखने में 24 से 48 घंटे लग सकते हैं।

त्वचा का घर्षण और वो दर्दनाक छाले

जो लोग मुझे जानते हैं, उन्हें पता है कि मुझे डेटा से कितना प्यार है। मेरी हर दौड़ का डेटा एक एक्सेल स्प्रेडशीट में दर्ज होता है। 'डिस्टेंस' और 'हार्ट रेट' के अलावा मैंने 'ह्यूमिडिटी', 'टेंपरेचर', और 'ब्लिस्टर काउंट' के कॉलम बना रखे हैं। कंडीशनल फॉर्मेटिंग के जरिए मैं ट्रैक करता हूँ कि किस मोजे को पहनने पर छाले पड़े। 'vlookup' और पिवट टेबल का इस्तेमाल करके मैंने देखा कि मेरे 85% छाले और जांघों के छिलने की घटनाएं तब हुईं जब हवा में नमी (humidity) 90% से ऊपर थी। कभी-कभी दौड़ने से ज्यादा समय मैं उस डेटा को फिल्टर करने में बिता देता हूँ! यह केवल मेरा एक्सेल डेटा नहीं है। PubMed Central में प्रकाशित शोध स्पष्ट बताता है कि जब त्वचा और कपड़ों के बीच नमी बढ़ती है, तो घर्षण का गुणांक (coefficient of friction) काफी बढ़ जाता है। एंड्योरेंस स्पोर्ट्स में यह घर्षण सीधे माइक्रो-ट्रॉमा और छालों का कारण बनता है। बचाव के लिए, जांघों के बीच, आर्मपिट्स, निप्पल्स, और पैरों की उंगलियों के बीच एंटी-चेफिंग (anti-chafing) बाम की मोटी परत लगानी चाहिए। मोजे हमेशा ऊन (Merino wool) या खास सिंथेटिक ब्लेंड के पहनें।

शरीर का तापमान और हाइपोथर्मिया का खतरा

हाइपोथर्मिया का खतरा सिर्फ बर्फीले पहाड़ों पर नहीं होता। दिल्ली में मानसून के दौरान अपनी एक 18 किलोमीटर की लॉन्ग रन के बीच जोरदार बारिश शुरू हो गई। 12 किलोमीटर के मार्क तक आते-आते हवा ठंडी हो गई। मैंने सूती टी-शर्ट पहनी हुई थी जो भीग कर चिपक गई थी। मुझे भयंकर ठंड लगने लगी, होंठ कांप रहे थे और उंगलियां सुन्न हो गई थीं। एक टी-स्टॉल के पास रुककर मैंने गर्म चाय पी। आज मैं अपनी उस बेवकूफी पर हंसता हूँ, लेकिन उस दिन मैं हाइपोथर्मिया के बेहद करीब था। World Athletics के आधिकारिक स्वास्थ्य और विज्ञान प्रोटोकॉल में एक्सट्रीम मौसम में एथलीट सुरक्षा पर स्पष्ट निर्देश हैं। ठंडे और गीले वातावरण में शरीर के कोर तापमान का तेजी से गिरना जानलेवा हो सकता है। लेयरिंग (Layering) का सही इस्तेमाल करें। बाहरी परत पानी को रोकने वाली (water-resistant) लेकिन सांस लेने योग्य (breathable) होनी चाहिए। एक हल्की टोपी (cap with a brim) पहनें। अगर गति धीमी हो रही है, तो तुरंत सूखे कपड़े पहन लें।

सुरक्षा और मौसम: कब रुकना है और कब दौड़ना है

रनिंग फोरम्स और अंतरराष्ट्रीय एथलीट कम्युनिटी में यह एक आम चर्चा है कि लाइन कहाँ खींची जाए। एक आम कहावत है: "गीले होने से कोई नहीं मरता, लेकिन बिजली गिरने से जरूर मरता है।" हल्की से मध्यम बारिश में दौड़ना ट्रेनिंग का हिस्सा होना चाहिए, क्योंकि रेस के दिन मौसम पर नियंत्रण नहीं होता। Hal Higdon Training की सलाह बताती है कि भयंकर आंधी, तूफान (thunderstorms), या बिजली चमकने के दौरान बाहर दौड़ना बेवकूफी है। ऐसे मौसम में मैराथन ट्रेनिंग शेड्यूल को एडजस्ट करना चाहिए और दौड़ को ट्रेडमिल या इंडोर ट्रैक पर शिफ्ट कर देना चाहिए। अगर बाहर तूफान में फंस जाएं, तो पेड़ों के नीचे शरण लेने के बजाय किसी पक्की इमारत की ओर जाना ही सुरक्षित है।

विजिबिलिटी और दिल्ली की सर्द बारिश

सर्दियों की बारिश के दौरान दिल्ली-एनसीआर में कोहरा और स्मॉग मिलकर विजिबिलिटी को शून्य कर देते हैं। ऐसे में लोधी गार्डन या संजय वन की सड़कों पर वाहन चालकों के लिए एक धावक को देख पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। काले या भूरे कपड़े बारिश में सड़क के रंग में घुलमिल जाते हैं। नियॉन (Neon) रंग—विशेष रूप से फ्लोरोसेंट पीला, हरा या नारंगी—विजिबिलिटी के लिए अच्छे होते हैं। इसके साथ ही रेट्रो-रिफ्लेक्टिव (retro-reflective) गियर की आवश्यकता होती है जो हेडलाइट की रोशनी को वापस ड्राइवर की आंखों की ओर फेंकता है। तड़के या देर शाम दौड़ते समय हेडलाइट (Headlamp) पहनना न भूलें।
कोहरे और बारिश में नियॉन रिफ्लेक्टिव गियर पहने धावक
कोहरे और बारिश में नियॉन रिफ्लेक्टिव गियर पहने धावक

रनिंग डायनामिक्स और बायोमैकेनिक्स का विज्ञान

गीली सड़क पर सतह और जूतों के बीच का घर्षण कम हो जाता है, जिसका सीधा असर स्ट्राइड (stride) पर पड़ता है। धावक फिसलने से बचने के लिए अपने कदम छोटे कर लेते हैं और स्ट्राइड फ्रीक्वेंसी बढ़ा देते हैं।
पैरामीटर (Parameter) सूखा मौसम (Dry Conditions) बारिश/गीली सतह (Wet Conditions) बायोमैकेनिकल प्रभाव
स्ट्राइड लेंथ (Stride Length) सामान्य/अधिकतम लगभग 5-8% कम हो जाती है मांसपेशियों पर अलग तनाव; हैमस्ट्रिंग का कम उपयोग।
कैडेंस (Cadence) सामान्य (उदा. 165-170 spm) बढ़ जाता है (उदा. 175-180 spm) जमीन से संपर्क समय कम करने का प्राकृतिक प्रयास।
मसल एक्टिवेशन (Muscle Activation) संतुलित स्टेबलाइजर मसल्स का 15-20% अधिक उपयोग पिंडलियों (calves) और टखनों में जल्दी थकान।
फुट स्ट्राइक (Foot Strike) प्राकृतिक शैली मिड-फुट या फ्लैट-फुट की ओर झुकाव हील-स्ट्राइक करने वालों में फिसलने का खतरा अधिक।

Source: Compiled from running biomechanics studies and footwear analysis. Last verified: 2025-11-05 गीली सतहों पर स्टेबलाइजर मसल्स संतुलन बनाए रखने के लिए ओवर-कम्पेंसेट (overcompensate) करती हैं। यही कारण है कि बारिश में दौड़ने के बाद अगले दिन ज्यादा थकान और मांसपेशियों में जकड़न (DOMS) महसूस होती है। बारिश में एक्यूट इंजरी के मामले 30% तक बढ़ जाते हैं। ऐसे मौसम में पेस (Pace) के बजाय एफर्ट (Effort) पर ध्यान देना चाहिए। सही तकनीकी जानकारी और सतर्कता के साथ बारिश की दौड़ को सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकता है।
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Raftaar_Rahul

पिछले 9 वर्षों से मैराथन रनिंग के प्रति समर्पित। राहुल एक प्रमाणित रनिंग कोच हैं जिन्होंने दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर की प्रमुख मैराथन में हिस्सा लिया है और अब हिंदी भाषी धावकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं

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