क्या घास-फूस खाकर मैराथन दौड़ी जा सकती है?
अक्सर जब मैं दिल्ली के लोधी गार्डन या नेहरू पार्क में सुबह की अपनी 20 किलोमीटर की दौड़ खत्म करता हूँ, तो नए धावक अक्सर एक सवाल पूछते हैं। "राहुल भाई, आपकी एनर्जी का राज क्या है? क्या आप भी वही पुराना घी-दूध वाला फार्मूला अपनाते हैं?" तब मैं मुस्कुराकर उन्हें 2015 से शुरू हुए अपने पिछले 11 सालों के सफर की याद दिलाता हूँ। सच तो यह है कि जब मैंने दौड़ना शुरू किया था, तब मैराथन और वीगन डाइट को एक साथ देखना लगभग असंभव माना जाता था। मुझे 1957 की वह मशहूर फिल्म 'नया दौर' बहुत पसंद है। उस फिल्म में दिलीप कुमार साहब का वह तांगे वाला किरदार अपनी ताकत के लिए शुद्ध देसी खान-पान पर गर्व करता था। हमारे समाज में 'ताकत' का सीधा संबंध हमेशा से दूध, मक्खन और मांस से जोड़ दिया गया है। लेकिन स्पोर्ट्स साइंस अब काफी बदल चुका है। आज एक सटीक marathon training plan केवल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप कितना 'भारी' खाना खाते हैं, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपका शरीर उस ईंधन को कितनी कुशलता से ऊर्जा में बदलता है। शुरुआत में मुझे भी लगा था कि क्या बिना अंडे या मीट के 42.2 किलोमीटर का फासला तय करना मुमकिन है? क्या घास-फूस (जैसा कि मेरे कुछ दोस्त मजाक में कहते हैं) एक धावक को वह पावर दे पाएगी? इसका जवाब विज्ञान और रनिंग कम्युनिटी के बदलते रुझान दोनों दे रहे हैं।
वीगन प्रोटीन की पहेली और उसका समाधान
वीगन डाइट की बात आते ही सबसे पहला सवाल 'प्रोटीन' पर आकर टिक जाता है। मांस या डेयरी के बिना मसल्स रिकवर कैसे होंगी? यह एक ऐसा डर है जो कई एथलीट्स को वीगन बनने से रोकता है। धावकों के लिए प्रोटीन का मतलब सिर्फ 'मसल्स बनाना' नहीं है, बल्कि तीव्र दौड़ के दौरान टूटे हुए ऊतकों (tissues) की मरम्मत करना है। PubMed Central (NIH) के विस्तृत शोध यह स्पष्ट करते हैं कि प्लांट-बेस्ड प्रोटीन स्रोत जैसे सोया, दालें और टोफू, मांसपेशियों के प्रोटीन सिंथेसिस और रिकवरी में उतने ही प्रभावी हैं जितने कि पशु-आधारित स्रोत। उच्च तीव्रता वाले एथलीट्स के लिए भी यह पूरी तरह सुरक्षित और कारगर है। इस वैज्ञानिक तथ्य को व्यवहार में लाने के लिए कुछ मुख्य स्रोत बेहतरीन काम करते हैं:- दालें और छोले: भारतीय किचन का मुख्य हिस्सा। इनमें न केवल पर्याप्त प्रोटीन है, बल्कि फाइबर भी प्रचुर मात्रा में होता है जो पाचन को धीमा कर लंबे समय तक ऊर्जा देता है।
- सोया और टोफू: ये कम्पलीट प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं, जिनमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड मौजूद होते हैं।
- सीड्स और नट्स: चिया सीड्स और कद्दू के बीज (Pumpkin seeds) ओमेगा-3 और मैग्नीशियम के लिए लाजवाब हैं।
- क्विनोआ (Quinoa): यह एक और कम्पलीट प्रोटीन विकल्प है जो रिकवरी में तेजी लाता है।
मैराथन ट्रेनिंग के दौरान, एक धावक को प्रति किलोग्राम वजन पर लगभग 1.2 से 1.7 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। यदि किसी का वजन 70 किलो है, तो उसे 84-119 ग्राम प्रोटीन चाहिए, जो एक सुनियोजित वीगन डाइट से बहुत आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
आंकड़े क्या कहते हैं: वीगन धावकों का बढ़ता ग्राफ
अगर हम वैश्विक स्तर पर देखें, तो रनिंग कम्युनिटी में न्यूट्रिशन को लेकर एक बड़ा शिफ्ट आ रहा है। यह केवल व्यक्तिगत धारणाओं का मामला नहीं रह गया है। RunRepeat द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में प्लांट-बेस्ड या वीगन डाइट अपनाने वाले धावकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। डेटा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि स्वास्थ्य कारणों, तेज रिकवरी और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए धावक अब मांस और डेयरी पर अपनी निर्भरता कम कर रहे हैं। फोरम्स और ऑनलाइन चर्चाओं में भी यह साफ नजर आता है कि अब लोग प्लांट-बेस्ड न्यूट्रिशन को एक 'रुकावट' के बजाय 'परफॉरमेंस एन्हान्सर' (performance enhancer) के रूप में देख रहे हैं। यह एक प्रमाणित सत्य बनता जा रहा है कि पौधे-आधारित आहार सूजन (inflammation) को कम करता है, जिससे बैक-टू-बैक ट्रेनिंग सेशंस में काफी मदद मिलती है।
ऊर्जा का संतुलन: मरीन ड्राइव की वह 'दीवार'
मुझे आज भी मेरी 2017 की मुंबई मैराथन याद है। वह मेरी जिंदगी की सबसे कठिन रेसों में से एक थी। 30वें किलोमीटर के पास मरीन ड्राइव पर पहुँचते ही मेरा शरीर अचानक जवाब देने लगा। पैरों में जैसे सीसा भर गया था। इसे हम धावक अपनी भाषा में 'hitting the wall' कहते हैं। उस समय मेरी न्यूट्रिशन प्लानिंग में एक बड़ी खामी थी। मैंने प्रोटीन पर तो खूब ध्यान दिया था, लेकिन सही 'कार्ब्स' को नजरअंदाज कर दिया। मैराथन अनिवार्य रूप से एक 'कार्बोहाइड्रेट गेम' है। Hal Higdon के रनिंग न्यूट्रिशन सिद्धांतों के अनुसार, लंबी दूरी के धावकों के लिए ट्रेनिंग साइकिल में कार्ब्स और प्रोटीन का सही संतुलन ही सफलता की कुंजी है। वीगन डाइट में हमें कार्ब्स के शानदार विकल्प मिलते हैं—जैसे शकरकंद, ओट्स, ताजे फल और ब्राउन राइस। जब मैं मरीन ड्राइव पर उस दिन संघर्ष कर रहा था, तो मुझे अहसास हुआ कि ट्रेनिंग सिर्फ सड़कों पर पसीना बहाना नहीं है। यह समझना भी उतना ही जरूरी है कि आपका पेट आपके पैरों को कैसे चलाता है। आज मैं कह सकता हूँ कि सही समय पर लिया गया एक केला या कुछ खजूर उस 'दीवार' को गिरने से बचा सकते हैं।वीगन डाइट पर ट्रांजिशन: 6 महीने की टाइमलाइन
यदि आप अपने मौजूदा marathon training plan को वीगन डाइट के साथ अलाइन करना चाहते हैं, तो इसे रातों-रात न बदलें। मेरा व्यक्तिगत सुझाव है कि आप अपने शरीर को 6 महीने का समय दें:- पहला और दूसरा महीना (समायोजन): इस दौरान आप अक्सर भूख महसूस कर सकते हैं क्योंकि प्लांट-बेस्ड फूड कम कैलोरी डेंस (calorie-dense) होता है। आपको अपनी सर्विंग साइज बढ़ानी होगी।
- तीसरा और चौथा महीना (अनुकूलन): आपका पाचन तंत्र अधिक फाइबर के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा। भारी वर्कआउट के बाद की थकान कम होने लगेगी।
- पांचवां और छठा महीना (पीक परफॉर्मेंस): अब आपका शरीर फैट और ग्लाइकोजन को कुशलता से इस्तेमाल करना सीख चुका है। रेस डे के लिए यही वह स्थिति है जो आपको चाहिए।
कार्ब लोडिंग: दिल्ली की गलियों से ग्लोबल स्टैंडर्ड्स तक
दिल्ली-एनसीआर में रहने का एक बड़ा फायदा यह है कि यहाँ वीगन खाने के अनगिनत विकल्प मौजूद हैं। जब मेरी रेस पास होती है, तो मैं अक्सर हौज खास विलेज के उन कैफे में जाता हूँ जो अब विशेष रूप से वीगन मेनू सर्व करते हैं। वहाँ का 'क्विनोआ सलाद' या 'स्वीट पोटैटो चाट' मेरा पसंदीदा प्री-रेस मील है। लेकिन 42.2 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए सिर्फ स्वाद से काम नहीं चलता। आपको अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करना पड़ता है। World Athletics के दिशा-निर्देशों के अनुसार, रेस से 48-72 घंटे पहले आपकी डाइट का 70-80% हिस्सा कार्बोहाइड्रेट होना चाहिए, जिसे 'कार्ब लोडिंग' कहा जाता है।| समय | डाइट फोकस | वीगन खाद्य पदार्थ |
|---|---|---|
| रेस से 3 दिन पहले | हाई कार्ब्स | पास्ता (बिना चीज), उबले आलू, ब्राउन राइस |
| रेस की सुबह | आसान पाचन | केला, पीनट बटर टोस्ट, ओट्स |
| रेस के दौरान | तुरंत ऊर्जा | एनर्जी जेल्स (वीगन), इलेक्ट्रोलाइट्स, खजूर |
आपका वीगन मैराथन ब्लूप्रिंट
वीगन मैराथन रनिंग कोई रॉकेट साइंस नहीं है। इसके लिए बस थोड़ा सा अनुशासन और सही डेटा ट्रैकिंग की जरूरत है। मैं व्यक्तिगत रूप से अपनी एक्सेल स्प्रेडशीट में अपने मैक्रोज़ और सप्लीमेंट्स को उसी सटीकता के साथ ट्रैक करता हूँ जैसे अपनी रनिंग पेस को। सप्लीमेंट्स का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। वीगन डाइट में Vitamin B12 की कमी एक आम समस्या है। हर छह महीने में अपना ब्लड टेस्ट करवाएं और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट लें। साथ ही, विटामिन डी और आयरन के स्तर पर भी नजर रखें। हाइड्रेशन को भी कभी हल्के में न लें। प्लांट-बेस्ड डाइट में आप पहले से ही काफी पानी सोखने वाले फल और सब्जियां खा रहे होते हैं, लेकिन रेस के दिन पसीने से बहने वाले खनिजों की भरपाई के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स का सही संतुलन अनिवार्य है। जो भी नया वीगन मील या जेल आप ट्राई करना चाहते हैं, उसे हमेशा अपने 'लॉन्ग रन' वाले दिनों में आजमाएं, सीधे 'रेस डे' पर नहीं।
प्रो टिप: रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला 'बादाम दूध' (Almond Milk) ट्राई करें। यह रिकवरी को तेज करता है और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण मांसपेशियों के दर्द को काफी हद तक कम करता है।
दौड़ना पैरों की ताकत के साथ-साथ मन की दृढ़ता और शरीर के पोषण का एक खूबसूरत मेल है। अगर आपका ईंधन सही है, तो आप कभी नहीं रुकेंगे। अगली बार जब हम किसी दौड़ के ट्रैक पर मिलें, तो शायद हम किसी वीगन कैफे में साथ में ब्लैक कॉफी पिएं! तब तक, दौड़ते रहिये!
Comments
Comments are currently closed. Have feedback or a question? Visit the Contact page.