विंड-चिल फैक्टर: ठंड के आंकड़े और हमारा शरीर
क्या आपने कभी सोचा है कि थर्मामीटर पर 5°C का तापमान दौड़ते समय शून्य से नीचे क्यों महसूस होता है? World Athletics के हेल्थ एंड साइंस दिशा-निर्देश बताते हैं कि हवा की गति और परिवेश के तापमान का संयोजन शरीर की गर्मी को तेजी से चुराता है। जब आप 10 किमी/घंटा की गति से दौड़ रहे होते हैं, तो आप स्वयं अपने खिलाफ एक ठंडी हवा पैदा करते हैं। इसे विंड-चिल फैक्टर कहते हैं। दिल्ली-एनसीआर की सर्दियों की सुबहें सिर्फ कोहरे के लिए नहीं जानी जातीं। जब सुबह 5 बजे इंडिया गेट या गुड़गांव के गोल्फ कोर्स रोड पर निकलो, तो वह सर्द हवा हड्डियों तक चुभती है। यह कोई वहम नहीं, बल्कि शुद्ध विज्ञान है।
पसीना और हाइपोथर्मिया: सर्दियों की सबसे बड़ी चुनौती
सर्दियों में मैराथन ट्रेनिंग की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि ठंड से बचने के साथ-साथ पसीने का प्रबंधन भी करना होता है। सूती (Cotton) कपड़े पहनकर दौड़ने पर पसीना तो सोख लिया जाता है, लेकिन वह कपड़ा सूखता नहीं है। PubMed Central / NIH पर प्रकाशित 'Physiological responses to cold weather exercise' शोध के अनुसार, ठंडे मौसम में व्यायाम के दौरान कपड़ों में फंसा हुआ पसीना शरीर के तापमान को खतरनाक स्तर तक गिरा सकता है। यही हाइपोथर्मिया (Hypothermia) का एक प्रमुख कारण बनता है।टिप: मॉइस्चर-विकिंग फैब्रिक्स (Moisture-wicking fabrics) का उपयोग इसका सबसे सीधा समाधान है। यह तकनीक पसीने को शरीर से दूर बाहरी परत तक धकेल देती है, जहां वह हवा के संपर्क में आकर वाष्पीकृत हो जाता है।
थर्मल लेयरिंग सिस्टम: क्या पहनें और क्या नहीं
सर्दियों की रनिंग के लिए 3-लेयर सिस्टम विश्व स्तर पर सबसे कारगर माना गया है। फैब्रिक की क्षमता और उपयोगिता के आधार पर नीचे दी गई तालिका से सही कपड़ों का चुनाव किया जा सकता है:| लेयर (Layer) | मुख्य कार्य (Primary Function) | सही फैब्रिक (Best Fabric) | क्या न पहनें (Avoid) |
|---|---|---|---|
| बेस लेयर (Base Layer) | पसीना सोखना और त्वचा को सूखा रखना | पॉलिएस्टर, मेरिनो वूल (Merino Wool), नायलॉन | सूती (Cotton) टी-शर्ट |
| मिड लेयर (Mid Layer) | शरीर की गर्मी को रोककर इन्सुलेशन प्रदान करना | फ्लीस (Fleece), लाइटवेट डाउन | भारी ऊनी स्वेटर |
| आउटर लेयर (Outer Shell) | हवा, बारिश और बर्फ से बचाव | GORE-TEX, विंडब्रेकर (Windbreaker) | नॉन-ब्रीदेबल प्लास्टिक रेनकोट |
Source: Fabric analysis and thermal efficiency data. Last verified: 2026-10-27
11 साल, कई गलतियां और मेरी एक्सेल स्प्रेडशीट
2015 में जब मैंने सीरियस मैराथन ट्रेनिंग शुरू की, तो मुझे लगता था कि ठंड से बचने का मतलब है खुद को भारी कपड़ों से लाद लेना। पहली ही सर्दियों में मैं एक मोटा ऊनी स्वेटर पहनकर 15 किलोमीटर की लॉन्ग रन पर निकल गया था। 5 किलोमीटर होते-होते स्वेटर पसीने से इतना भारी हो गया कि उसे उतारकर फेंकने का मन करने लगा। इन 11 वर्षों में मैंने लेयरिंग को काफी करीब से समझा है। अब मेरी अलमारी में रखे रनिंग गियर बिल्कुल मेरी एक्सेल स्प्रेडशीट्स की तरह व्यवस्थित हैं—हर लेयर का अपना एक स्पष्ट डेटा और काम है। उम्र के इस पड़ाव पर (अब मैं लगभग 38 का हो गया हूं), शरीर की रिकवरी और सही टेक्निकल गियर का महत्व कहीं ज्यादा समझ आता है। साधारण थर्मल वार्मर दौड़ने के लिए नहीं बने हैं।हाथ, पैर और सिर की सुरक्षा के सीधे नियम
हमारे शरीर की सबसे ज्यादा गर्मी हमारे सिर, हाथों और पैरों (Extremities) से बाहर निकलती है। Hal Higdon के ट्रेनिंग दिशानिर्देशों में भी सर्दियों के दौरान शरीर के इन हिस्सों को कवर करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है।- सिर: एक थर्मल बीनी (Beanie) या हेडबैंड कानों और सिर को ठंडी हवा से बचाता है।
- हाथ: फ्लीस लाइनिंग वाले रनिंग ग्लव्स शुरुआती 3-4 किलोमीटर तक हाथों को सुन्न होने से बचाते हैं।
- पैर: मेरिनो वूल वाले मोज़े सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। ध्यान रहे कि जूतों के अंदर मोज़े पहनने के बाद भी पर्याप्त जगह हो, ताकि रनर्स टो (Runner's Toe) जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

बर्फीले रास्तों का रोमांच और सही गियर
अब बात करते हैं पैरों की सुरक्षा की। सर्दियों में कोहरे वाली गीली सड़कों और ओस के लिए सही running shoes का चुनाव करना सबसे जरूरी है। RunRepeat के विंटर शूज डेटा और लैब टेस्ट्स स्पष्ट करते हैं कि GORE-TEX (GTX) तकनीक वाले वॉटरप्रूफ अपर और रबर ग्रिप आउटसोल आपको गीले या बर्फीले रास्तों पर फिसलने से बचाते हैं। बर्फ और पहाड़ों की बात आते ही मेरा दिमाग अक्सर हिमाचल में की गई ट्रेकिंग और 60 के दशक की उन पुरानी हिंदी फिल्मों की तरफ चला जाता है। शम्मी कपूर जैसे सितारे बिना किसी लेयरिंग या वॉटरप्रूफ running shoes के बर्फ में लोटपोट होते थे, और उन्हें कभी हाइपोथर्मिया नहीं होता था! खैर, वह सिनेमा का जादू था। असल जिंदगी में हमें सतर्क रहना पड़ता है और जूतों को सही तरीके से साफ और मेंटेन करना होता है।क्या ठंड में पेसिंग (Pacing) बदलनी चाहिए?
कड़ाके की ठंड में हवा घनी होती है, जिससे फेफड़ों को ऑक्सीजन प्रोसेस करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे मौसम में अपनी सामान्य गति (Pace) बनाए रखने की जिद करना समझदारी नहीं है। गर्मियों में जहां 5 मिनट का वार्म-अप काफी होता है, सर्दियों में कम से कम 10-15 मिनट की डायनामिक स्ट्रेचिंग करें। ठंडी हवाओं के खिलाफ दौड़ते हुए आपकी पेस कुछ सेकंड प्रति किलोमीटर धीमी हो सकती है। इसे स्वीकार करें। आपकी हार्ट रेट और मेहनत (Effort) ही आपकी ट्रेनिंग का असली पैमाना है।Related reading:
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