Asics Gel Nimbus

सर्दियों की वो सुबह और एक नई फिसलन

साल 2015 में पहली बार रेसिंग शूज पहनने के बाद से अब तक के 8 वर्षों में मैंने दिल्ली-एनसीआर की सर्दियों को बहुत करीब से देखा है। ओस से भीगी सड़कें, जो सुबह-सुबह शीशे की तरह चमकती हैं, किसी भी धावक के लिए एक अनकही चुनौती होती हैं। पिछले हफ्ते की ही बात है। मैं अपने पुराने जूतों के साथ लॉन्ग रन पर था। कानों में किशोर कुमार का गाना चल रहा था और ध्यान कहीं और था। जैसे ही मैंने एक तीखा टर्न लिया, मेरा पैर बुरी तरह फिसला। मैं गिरा नहीं, लेकिन उस एक पल ने मुझे अपने गियर पर गंभीरता से पुनर्विचार करने को मजबूर कर दिया।
Update: 2023-10-28
अपने एक पुराने लेख मैंने दौड़ते समय संगीत सुनना क्यों छोड़ दिया में मैंने बताया था कि फुटफॉल सुनने के लिए बिना इयरफ़ोन के दौड़ना कितना जरूरी है। लेकिन आज एक सुधार करना चाहूँगा। केवल शरीर की आवाज़ सुनना काफी नहीं है। अगर जूतों की ग्रिप सड़क पर आपका साथ नहीं दे रही, तो आप कभी अपनी लय नहीं पकड़ पाएंगे। फिसलन का असली कारण मेरा ध्यान भटकना नहीं था, बल्कि मेरे जूतों का घिस चुका आउटसोल था।
बाजार में इन दिनों asics gel nimbus 26 की चर्चा हर तरफ है। दावा किया जा रहा है कि यह नया वर्ज़न पुरानी ग्रिप और आउटसोल की समस्याओं का पक्का इलाज है।

नए अपग्रेड्स को लेकर कम्युनिटी की राय

संडे लॉन्ग रन के बाद चाय की टपरी हो या धावकों के व्हाट्सएप ग्रुप, आजकल चर्चा का एक ही विषय है। ऑनलाइन मंचों और रिव्यूज को देखें तो लोग इस नए nimbus gel asics मॉडल के ट्रैक्शन की खूब तारीफ कर रहे हैं। आंकड़ों पर नज़र डालें तो RunRepeat के एग्रीगेटेड रिव्यूज के अनुसार, सीरीज़ ने अपनी स्टैक हाइट और 8mm ड्रॉप को लगभग पहले जैसा ही रखा है। असली बदलाव ग्रिप में है। इसी बात की पुष्टि Runner's World के एक्सपर्ट रिव्यू में भी होती है, जहाँ इसे लॉन्ग-डिस्टेंस मैराथन ट्रेनिंग के लिए एक बेहद विश्वसनीय विकल्प बताया गया है। बताया जा रहा है कि हाइब्रिड ASICSGRIP और AHARPLUS रबर के इस्तेमाल से गीली और चिकनी सतहों पर दौड़ने का अनुभव पूरी तरह बदल गया है।

Nimbus 25 बनाम 26: तकनीकी बदलाव

अगर हम पिछले मॉडल से तुलना करें, तो क्या 26वें वर्ज़न में अपग्रेड करना वाकई समझदारी है? भावनाओं से परे जाकर केवल डेटा और स्पेसिफिकेशन्स को देखते हैं:
फीचर Nimbus 25 Nimbus 26
आउटसोल रबर स्टैंडर्ड AHAR रबर (गीली सतह पर थोड़ी दिक्कत) ASICSGRIP + AHARPLUS (बहुत बेहतर ट्रैक्शन)
अपर मेश निट अपर (थोड़ा गर्म) इंजीनियर्ड निट (बेहतर वेंटिलेशन और टाइट फिट)
मिडसोल कुशनिंग FF BLAST PLUS ECO FF BLAST PLUS ECO (समान, लेकिन स्लाइटली फर्म)

Source: RunRepeat. Last verified: 2023-10-28

यहाँ सबसे बड़ा तकनीकी सुधार मिडफुट और हील के पास वाले फिट में है। नया इंजीनियर्ड अपर पैरों को बेहतर तरीके से लॉक करता है, जिससे कॉर्नरिंग के समय स्थिरता बनी रहती है।

लोधी गार्डन के ट्रैक और कुशनिंग का विज्ञान

लोधी गार्डन के कच्चे-पक्के रास्तों या जेएलएन स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ते समय एक बात स्पष्ट हो जाती है कि लंबी दूरी की ट्रेनिंग में रिकवरी का महत्व किसी भी अन्य चीज़ से ज्यादा है। PubMed Central / NIH की एक स्टडी में यह साबित हुआ है कि मैक्सिमलिस्ट कुशनिंग वाले जूते हाई-माइलेज ट्रेनिंग के दौरान इम्पैक्ट लोडिंग को काफी कम कर देते हैं। जोड़ों पर पड़ने वाला यह कम दबाव चोट से बचने में बेहद कारगर है। जब मैं Hal Higdon के नोविस 1 मैराथन ट्रेनिंग प्लान के अनुसार शुरुआती धावकों को गाइड करता हूँ, तो मेरी हमेशा यही सलाह होती है कि संडे लॉन्ग रन (जो रिकवरी पेस पर होने चाहिए) के लिए हाई-कुशन जूते ही चुनें। हालांकि, एक सवाल मुझे हमेशा परेशान करता है। क्या जरूरत से ज्यादा कुशनिंग हमारे पैरों की प्राकृतिक मांसपेशियों को आलसी बना रही है? स्पोर्ट्स साइंस जर्नल्स में इसका कोई एकतरफा जवाब नहीं मिलता, लेकिन यह सोचने का विषय जरूर है।

आने वाली रेस और गियर रोटेशन

रेस का सीज़न हमारे सिर पर है। Athletics Federation of India (AFI) के कैलेंडर के अनुसार अगले कुछ महीनों में कई बड़े इवेंट्स कतार में हैं। कोई भी नई रेस करीब आते ही मेरी पुरानी एक्सेल स्प्रेडशीट खुल जाती है। पेस कैलकुलेशन, न्यूट्रीशन स्ट्रेटेजी और गियर रोटेशन को स्प्रेडशीट के डेटा के रूप में देखकर एक अलग स्तर का आत्मविश्वास आता है।
प्रो टिप: मैक्स-कुशन जूतों को सीधे रेस के दिन पहनने की गलती कभी न करें। ब्रेक-इन पीरियड कम होने के बावजूद, फोम को आपके पैर के आकार में ढलने के लिए कम से कम 30-40 किलोमीटर की रनिंग की आवश्यकता होती है।
एक और बात जो अक्सर नए धावक मिस कर जाते हैं: भारी कुशन वाले ये जूते टेम्पो रन या इंटरवल ट्रेनिंग के लिए नहीं बने हैं। अगर आप इनमें स्पीड निकालने की कोशिश करेंगे, तो सिर्फ ऊर्जा बर्बाद होगी।

शू रोटेशन में इसकी सही जगह

यह कोई जादुई जूता नहीं है जो अचानक आपकी स्पीड बढ़ा देगा। लेकिन अगर आपको एक ऐसा 'वर्कहॉर्स' चाहिए जो लंबी दूरी तक पैरों को थकान से बचाए, रिकवरी रन को आरामदायक बनाए और सर्दियों की ओस वाली सड़कों पर फिसलने का डर खत्म करे, तो यह एक ठोस निवेश है। हर एडवांस्ड मैराथन रनर के शू रोटेशन में एक भरोसेमंद कुशनिंग शू का होना जरूरी है। गति के लिए कार्बन-प्लेटेड जूते अपना काम करेंगे, लेकिन रोज़मर्रा के माइलेज के लिए आपको इसी तरह के जूतों की आवश्यकता होगी। आप इस रेस सीज़न के लिए कौन सा गियर इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या कभी महंगे जूतों के आउटसोल ने आपको धोखा दिया है? अपने अनुभव नीचे कमेंट्स में साझा करें।
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Raftaar_Rahul

पिछले 9 वर्षों से मैराथन रनिंग के प्रति समर्पित। राहुल एक प्रमाणित रनिंग कोच हैं जिन्होंने दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर की प्रमुख मैराथन में हिस्सा लिया है और अब हिंदी भाषी धावकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं

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