Nike ZoomX का विज्ञान: क्या यह वाकई मैजिक फोम है?

रनिंग कम्युनिटी में ज़ूमएक्स की चर्चा: मिथक या हकीकत?

आजकल दिल्ली-एनसीआर से लेकर मुंबई तक, आप किसी भी संडे लॉन्ग रन ग्रुप में चले जाएं या स्ट्रवा (Strava) पर अपने रनिंग क्लब्स की फीड स्क्रॉल करें, एक खास तरह की चर्चा हर जगह छाई हुई है। धावक अक्सर अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) में अचानक हुए सुधार का श्रेय अपनी मेहनत से ज्यादा अपने जूतों को देते हुए नजर आते हैं। "भाई, मैंने तो बस यह नया जूता पहना और मेरी पेस 30 सेकंड प्रति किलोमीटर तेज हो गई!" ऐसे दावे अब आम बात हो गए हैं। ऑनलाइन फोरम और कम्युनिटी ग्रुप्स में यह चर्चा जोरों पर है कि ज़ूमएक्स (zoomx) मिडसोल पहनने के बाद पैरों में वह भारीपन महसूस नहीं होता जो पारंपरिक जूतों में होता था। कुछ लोग इसे बेहतरीन मार्केटिंग मानते हैं, तो कुछ दौड़ने की दुनिया का सबसे बड़ा चमत्कार। लेकिन क्या वाकई एक फोम आपके दौड़ने के तरीके और समय को इतना बदल सकता है?
रंगीन जूतों में दौड़ते हुए धावकों के पैर
रंगीन जूतों में दौड़ते हुए धावकों के पैर

आंकड़े जो चौंकाते हैं: ऊर्जा वापसी (Energy Return) का गणित

चमत्कार या दावों से परे, विज्ञान हमेशा ठोस आंकड़ों पर निर्भर करता है। जब हम जूतों के फोम की बात करते हैं, तो सबसे महत्वपूर्ण पैमाना 'एनर्जी रिटर्न' (ऊर्जा वापसी) होता है। सरल शब्दों में, जब आपका पैर जमीन पर पड़ता है, तो फोम कितनी ऊर्जा सोखता है और कदम उठाते वक्त आपको कितनी ऊर्जा वापस देता है। RunRepeat Data द्वारा किए गए प्रयोगशाला परीक्षणों के अनुसार, पारंपरिक ईवा (EVA) फोम वाले जूते लगभग 60-65% ऊर्जा वापस करते हैं। इसके विपरीत, पीबा (PEBAX/nikezoomx) आधारित फोम चौंकाने वाला 85% या उससे भी अधिक ऊर्जा रिटर्न देते हैं।

85% एनर्जी रिटर्न का क्या मतलब है?

जब मैं अपनी मैराथन की पेस और स्प्लिट्स का विश्लेषण एक्सेल (Excel) स्प्रेडशीट में करता हूं, तो डेटा का यह 20% का अंतर किसी बड़े गेम-चेंजर से कम नहीं लगता। इसका सीधा अर्थ है कि यह फोम आपके द्वारा लगाई गई ताकत को बर्बाद होने से बचाता है। जब आप 42 किलोमीटर दौड़ते हैं, तो हर कदम पर बचाई गई थोड़ी-थोड़ी ऊर्जा अंत में एक बहुत बड़ा फासला तय करती है।

रनिंग जूतों का विकास: ईवा (EVA) से पीबा (PEBA) तक का सफर

जब मैंने 2015 में मैराथन ट्रेनिंग की दुनिया में गंभीरता से कदम रखा था (आज से लगभग 8 साल पहले), तब running shoes की तकनीक काफी सीधी-सादी हुआ करती थी। हम सभी भारी-भरकम ईवा (EVA) फोम वाले जूते पहनते थे। वे जूते टिकाऊ तो थे, लेकिन उन्हें पहनकर लंबी दूरी दौड़ने पर ऐसा लगता था जैसे पैरों में ईंटें बंधी हों। उसके बाद एडिडास ने 'बूस्ट' (Boost) तकनीक के साथ टीपीयू (TPU) फोम पेश किया, जिसने कुशनिंग तो दी लेकिन जूतों का वजन काफी बढ़ा दिया। फिर अचानक इस नए सुपर फोम का आगमन हुआ। इसने वजन और कुशनिंग की उस पुरानी बहस को ही खत्म कर दिया, जहां माना जाता था कि अगर जूता हल्का है तो उसमें कुशन नहीं होगा। पीबा (PEBA) तकनीक ने पहली बार हल्कापन और अत्यधिक उछाल एक साथ प्रदान किया।

4% का विज्ञान: वैज्ञानिक प्रमाण और कार्बन प्लेट का प्रभाव

इस फोम की सफलता सिर्फ एक मुलायम सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्बन-फाइबर प्लेट के साथ मिलकर एक पूरी प्रणाली की तरह काम करता है। यह खंड पूरी तरह से वैज्ञानिक शोध पर आधारित है। PubMed Central / NIH (Hoogkamer et al.) द्वारा प्रकाशित एक ऐतिहासिक अध्ययन ने यह साबित किया कि पीबा फोम और एक घुमावदार कार्बन प्लेट का संयोजन मानक मैराथन जूतों (Standard EVA) की तुलना में धावकों की रनिंग इकोनॉमी में औसतन 4% का सुधार करता है। इस अध्ययन में एथलीटों पर बायोमैकेनिकल प्रभाव और ऑक्सीजन की खपत का कड़ाई से मूल्यांकन किया गया। डेटा स्पष्ट था: धावक उसी गति पर कम ऑक्सीजन का उपयोग कर रहे थे। इस विषय पर अधिक गहराई से जानने के लिए आप Nike Vaporfly 4: वह जूता जिसने मैराथन रिकॉर्ड्स को तोड़ दिया भी पढ़ सकते हैं।

यह इतना अलग क्यों महसूस होता है? फोम की केमिस्ट्री

उत्तर इसकी रासायनिक संरचना में छिपा है। यह मूल रूप से 'पॉलीथर ब्लॉक एमाइड' (Polyether block amide - PEBA) से बना है। पारंपरिक EVA फोम को जब दबाया जाता है, तो वह अपनी पुरानी शेप में वापस आने में समय लेता है और ऊर्जा खो देता है। इसके विपरीत, PEBA के अणु एक बहुत ही लचीले और मजबूत नेटवर्क की तरह काम करते हैं। जब पैर जमीन पर पड़ता है, तो यह शॉक अब्जॉर्ब करता है, और जैसे ही पैर उठता है, यह एक स्प्रिंग की तरह तुरंत अपनी मूल स्थिति में वापस आ जाता है (resilience)। यही वह "पॉप" या उछाल है जो हर धावक महसूस करता है।

तकनीक या अनुचित लाभ? वर्ल्ड एथलेटिक्स का हस्तक्षेप

इस तरह के सुपर फोम्स ने मैराथन की दुनिया में इतनी उथल-पुथल मचाई कि खेल के नियमों को ही बदलना पड़ा। जब पुराने रिकॉर्ड एक-एक करके टूटने लगे, तो यह बहस छिड़ गई कि क्या यह एथलीट की क्षमता है या सिर्फ जूतों में छिपी 'तकनीकी डोपिंग' (Technological Doping)? यह कुछ-कुछ 70 के दशक की उन पुरानी हिंदी फिल्मों जैसा था, जहां एक नया विद्रोही हीरो आकर बरसों पुराने जमे हुए सिस्टम और नियमों को चुनौती देता है। इसने भी मैराथन के पारंपरिक सिस्टम को ऐसे ही हिला कर रख दिया। अंततः, World Athletics को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने जूतों की स्टैक हाइट (Stack Height) को 40mm तक सीमित कर दिया और स्पष्ट नियम बना दिया कि जूते में केवल एक ही कठोर प्लेट (rigid plate) का उपयोग किया जा सकता है।

मैराथन के अंतिम किलोमीटर: मांसपेशियों की थकान से बचाव

दिल्ली की सड़कों पर अपना वह 32 किलोमीटर का ट्रेनिंग रन मुझे आज भी याद है, जब मैं पुराने जनरेशन के जूतों में दौड़ रहा था। 28-30 किलोमीटर के बाद मेरे पैर सचमुच पत्थर बन गए थे। लेकिन जब मैंने पहली बार सुपर शूज पहनकर वही दूरी तय की, तो सबसे बड़ा अंतर मेरी पेस में नहीं, बल्कि 30 किलोमीटर के बाद मेरे पैरों की स्थिति में था। पिंडलियों और जांघों में वह भारीपन काफी कम था। PubMed Central / NIH पर मौजूद रिसर्च भी यह पुष्ट करती है कि एडवांस्ड फुटवियर टेक्नोलॉजी (AFT), जो इस तरह के अत्यधिक लचीले फोम का उपयोग करती है, मैराथन के बाद के चरणों में मांसपेशियों की थकान और मेटाबोलिक लागत को काफी हद तक कम कर देती है। रेस डे के इन जादुई पलों पर मैंने Nike Alphafly: रेस डे पर जादुई प्रदर्शन का सच में भी विस्तार से चर्चा की है।

क्या आपको इन जूतों में निवेश करना चाहिए?

अगर आप एक अनुभवी धावक हैं जो अपने मैराथन पीबी को कुछ मिनटों से कम करना चाहते हैं और आपका बजट अनुमति देता है, तो यह एक शानदार निवेश है। लेकिन अगर आप अभी रनिंग की शुरुआत कर रहे हैं, तो इतने महंगे जूतों की बजाय एक मजबूत डेली ट्रेनर लेना अधिक समझदारी है।

इस तकनीक की सबसे बड़ी कमजोरी और उसका समाधान

हर शानदार तकनीक की एक कमजोरी होती है, और इस फोम की कमजोरी है इसका टिकाऊपन। यह बहुत जल्दी टूटता है और सिकुड़ जाता है।
Tip: आमतौर पर 300 से 400 किलोमीटर के उपयोग के बाद इन जूतों का वह खास "बाउंस" खत्म होने लगता है। महंगे होने के कारण इन्हें रोज़ाना पहनना समझदारी नहीं है।
इसका सबसे अच्छा समाधान है एक 'शू रोटेशन स्ट्रैटेजी' (Shoe Rotation Strategy) बनाना। अपनी रोज़मर्रा की रिकवरी रन के लिए किसी अन्य टिकाऊ EVA/React फोम वाले जूते का इस्तेमाल करें। इन सुपर शूज को सिर्फ रेस डे या महत्वपूर्ण स्पीड वर्कआउट्स के लिए बचा कर रखें। (आप Nike ZoomX फोम: कितना टिकाऊ है यह सुपर फोम? में इसकी असल लाइफ के बारे में मेरी विस्तृत रिपोर्ट पढ़ सकते हैं)

फोम तुलना मैट्रिक्स: बाजार के अन्य विकल्प

विभिन्न तकनीकों को स्पष्ट रूप से समझने के लिए, उपलब्ध लैब डेटा और 2023 के बाजार रुझानों के आधार पर एक तुलनात्मक मैट्रिक्स नीचे दिया गया है:
फोम का प्रकार (मटीरियल) एनर्जी रिटर्न वजन टिकाऊपन (लाइफ) उपयुक्त उपयोग
PEBA (सुपर फोम) ~85% अत्यधिक हल्का कम (300-400 किमी) रेस डे, मैराथन पीबी
TPE (रिएक्ट आदि) ~70-75% मध्यम अधिक (700-800 किमी) डेली ट्रेनिंग, लॉन्ग रन
Standard EVA ~60-65% मध्यम/भारी औसत (500-600 किमी) शुरुआती रनिंग, रिकवरी
TPEE ब्लेंड ~80% हल्का मध्यम (400-500 किमी) रेस डे, टेम्पो रन
Source: RunRepeat Foam Analysis and Brand Specifications. Last verified: 2023-05-15
अंततः, यह तकनीक कोई जादुई छड़ी नहीं है; यह एक शुद्ध बायोमैकेनिकल और रासायनिक नवाचार है। यह आपके पैरों की जगह दौड़ नहीं लगाएगा, लेकिन यह जरूर सुनिश्चित करेगा कि आपकी मेहनत का एक भी कतरा बेकार न जाए।
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Raftaar_Rahul

पिछले 9 वर्षों से मैराथन रनिंग के प्रति समर्पित। राहुल एक प्रमाणित रनिंग कोच हैं जिन्होंने दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर की प्रमुख मैराथन में हिस्सा लिया है और अब हिंदी भाषी धावकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं

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